GDPR kya hai ? और इससे क्या फायदा है पूरी जानकारी hindi.. aapkihelp

GDPR kya hai ? और इससे क्या फायदा है पूरी जानकारी hindi.. aapkihelp

GDPR kya hai ? –  हेलो दोस्तों , GDPR ( General Data Protection Regulation ) डाटा प्रोटेक्शन पॉलिसी है जो हर इंटरनेट यूजर के लिए जाना बेहद जरूरी हैं ( Important Policy ) और इसके बारे में हम आपको विस्तार से बताएंगे स्टेप बाय स्टेप कि इससे हम लोगों को क्या – क्या फायदा होगा और GDPR नहीं होने से  क्या नुकसान हो सकता है और ये भी जानेंगे कि GDPR kya haa ? GDPR ke bare me puri Jankari Hindi me और इसके policy ,Fine / Penalty kiske liye hai और क्यों हैं ? (GDPR kya hai ? )

GDPR kya hai ? hindi

हाल ही में अपने कुछ दिन पहले सुना था Facebook ka डाटा लीक हुए , इसमें करोड़ों user के पर्सनल इंफॉर्मेशन लीक हुए हैं और ये भी कहां जा रहा है कि Us का इलेक्शन इन सभी इंफॉर्मेशन का यूज़ किया गया था यानी कि Personal इंफॉर्मेशन के जरिए इलेक्शन को जीता है .

अगर ऐसे में डाटा की प्रोडक्शन की बात की जाए तो देश की सरकार और जनता अपने पर्सनल इंफॉर्मेशन को लेकर चिंतित रहते हैं ऐसे में अपने पर्सनल इंफॉर्मेशन लिक होते रहे तो आगे चलकर किसी भी देश का Future खतरे में पड़ सकता हैं इससे अरबों रुपए का नुकसान हो सकता है इसलिए General Data Protection Regulation कहा जाता है और इसे शॉर्ट फॉर्म में GDPR कहतें हैं और GDPR को फिर से अपडेट किया गया है और इस से अच्छा Term, Policy को बेहतर बनाया गया है इसके बारे में और विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं ताकि आपको पूरे अच्छी से जानकारी हो पाए 

GDPR kya hai ? 

General Data Protection Regulation जिसे हम लोग शॉर्ट फॉर्म से GDPR कहते हैं European Union द्वारा Data Protection के लिए 2016 में बनाया गया था.लेकिन इस साल 2018 में Implementation किया गया है.

GDPR Law, European Union में UK, Germany, France, Italy, Belgium, Norway, Poland, Spain, Sweden, Greece, Austria सहित और जितने भी European Union members है उनके हर एक Citizen के लिए मान्य है.

इस Law को बनाने का मेन कारण Users का डाटा सुरक्षित रखना है और User ke पर्सनल डाटा को Control देना हैं इससे और भी आसान बनाना है ताकि कभी भी यूजर्स का डाटा में कोई प्रॉब्लम न हो और डेटा लीक जैसा समस्या कभी ना आये

जैसे ही GDPR implement  लागू किया गया है दुनिया की सभी बड़े-बड़े Campnies जैसे Google Facebook Linkedin Twitter ने अपने Users बारे में इंफॉर्मेशन प्रोवाइड कर दिया है कि हमने GDPR Law को Follow करते है. 

Personal Data Kya hai ( पर्सनल डाटा क्या है)

अक्सर हम लोग इंटरनेट पर सर्च करते हैं वेबसाइट या play Store से एप्लीकेशन डाउनलोड करते हैं और हम लोग app को यूज भी करते हैं लेकिन बहुत सारे एप्लीकेशन यूज़ करने से पहले लॉगिन यानी कि अकाउंट बनाने के लिए हमें बोलता है उसे हम लोग अकाउंट बनाते हैं और हमसे ये पूछा जाता है Name, Address, Mobile No , Date Of Birth , Interest, के साथ कभी-कभी जरूरत पड़ने पर Bank, Income, Helth, और भी बहुत सारे इंफॉर्मेशन के बारे में जानकारी लेतें हैं GDPR Law के माध्यम से सभी पर्सनल डाटा के अंतर्गत आते हैं ।

GDPR का पालन नहीं करते है? तो ( GDPR kya hai ? )

अगर कोई भी कंपनी GDPR Law का पालन नहीं करती है कुछ रूल्स बनाया गया है जैसे कि जो भी company GDPR को follow नहीं करता है तो उसके World wide turnover का 4% Sanctioned हो सकता है या फिर 20 million Euro Fine के रूप में देना पड़ सकता है.

GDPR Policies Kya Hai? ( GDPR kya hai ? )

यह Policy Specially उन Campanies लोगों के लिए है जो की user ke personal Data Save करते हैं और अपने Perosnal benefit के लिए use करते है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा आपको हर डाटा का एक ही हिसाब देना होगा जैसे कि…..

Communication: कोई भी user किसी भी सर्विस में रजिस्टर करता है तो Companies  की यह जिम्मेदारी है अगर सरल शब्दों में कहें तो वह कौन है और हमारा Data क्यों ले रहे है? Companies को ये भी बताना होगा की हमारे Data के साथ क्या करेंगे? और यह भी बताना होगा कि अपने Data base में कब तक सेव रखेगा और किसके किसके साथ शेयर करेगा

Constent:  किसी भी user का perosnal data use लेने से पहले उसका सहमति जरुरी है चाहे आप कोई बच्चा का डाटा ले रहें है तो उसके Parent की सहमति जरुरी है.

Warning: अगर किसी का Data breaches के समय अगर कोई risk है तो इसके बारे में लोगो को तुरंत जानकारी देना होगा. (GDPR kya hai ? )

Erase Data: किसी भी व्यक्ति को अपना Personal Information Delete करना होगा तो उसके पास यह Right होना चाहिए और user के कहने पर उसके सभी Personal data company delete कर देगा

Safegaurding Senstive data: जितने भी Senstive data है उनको Prevent करने करने के लिए सभी Companies को Extra Safeguard की जरुरत है. जैसे की health से रिलेटेड Data, Sexual Data, Religion और Political Data.

Website के जरिए Data चोरी कैसे होता है ? ( GDPR kya hai ? )

जैसे मान लीजिए अगर आप इंटरनेट चलाते हैं और आप इंटरनेट पर बहुत सारे चीज देखते हैं और देखते ही आपको कुछ चीजें यानी कि कुछ site पसंद आ जाते हैं और बिना लॉगिन किए कुछ भी देख नहीं सकते हैं  जो बिल्कुल फ्रॉड होते हैं उसमें आप अकाउंट बनाते हैं या फिर अपना इंफॉर्मेशन कुछ भी उसमें डालते हैं तो आपका डाटा पूरा तरह रख लेता है ऐसे मैं आपका डाटा चोरी कर लेता है और कई तरह के आपको साइट मिलेंगे जो डाटा चोरी करने में बहुत ही एक्सपर्ट होते हैं इसलिए आप सावधान रहें कोई वेबसाइट में अपना इंफॉर्मेशन डालने से पहले पूरी तरह अच्छी तरह पता कर ले उसके बाद ही आप उस साइड में अपना डाटा डालें

App से डाटा चोरी कैसे करता हैं? ( GDPR kya hai ? )

अक्सर हम लोग अपने मोबाइल फोन में एंड्रॉयड एप्लीकेशन डाउनलोड करतें हैं जैसे :- Game , News app, video Recording, antivirus, wallpaper, earing app, etc हमारे कहने का मतलब यह है कि कोई भी ऐप आपका डाटा चोरी कर सकता है लेकिन आप चाहे तो डाटा को चोरी होने से बचा सकते हैं नीचे जानते हैं कि डाटा चोरी होने से कैसे हम बचा सकते हैं.

सोशल नेटवर्किंग se Data चोरी कैसे होता हैं? ( GDPR kya hai ? )

दुनिया भर के करोड़ों लोगों सोशल नेटवर्किंग यूज करते हैं जैसे Facebook, ट्विटर WhatsApp, मैसेंजर, इंस्टाग्राम etc हम लोग यूज़ करते हैं लेकिन कभी-कभी हमारे मोबाइल में कोई लिंक आता है जिसे कहते हैं इसमें रजिस्टर करें और आपको पैसे दिया जाएगा या मोबाइल फोन मिलेगा कहीं तरह-तरह के कुछ भी बोलते हैं लेकिन आपको जानकारी के लिए बता दें कि आपका सिर्फ डाटा चोरी करता है इसलिए ऐसे लिंक को आप ओपन ना करें और कुछ भी इंफॉर्मेशन न डाले ताकि आपका डाटा चोरी ना हो सके

Data चोरी करने से क्या फायदे होता है ? ( GDPR kya hai ? )

Data चोरी इसलिए करते हैं करोड़ों और अरबों रुपए का फायदे होते हैं यानी कि हमारा डेटा का इस्तेमाल करके ढेर सारा पैसे कमाते हैं जैसे मान लीजिए हमारा Data चोरी करके किसी दूसरे के पास भेज दिया और उस डाटा उन चीजों में इस्तेमाल किया जाता है जिन्हें बिजनेस या फिर डिजिटल मार्केटिंग में use किया जाता है ताकि उनका प्रोडक्ट Sale या फिर उससे एडवर्टाइजमेंट अच्छी तरह से चला सके बल्कि यही ही नहीं और गलत कामों में भी इस्तेमाल किया जाता है।

GDPR kya hai ? hindi
GDPR Law से Blogger पर क्या Effect पड़ेगा? (GDPR kya hai ? )

हम लोग किसी भी website/ Blog के owner सभी पर्सनल इंफॉर्मेशन के बारे में हमें पता चल जाता था क्योंकि सभी Hosting Services  हमारे इंफॉर्मेशन को पब्लिश कर देते थे

ऐसे में  GDPR Data protection low आ जाने से अब कोई भी Hosting Services हमारे इंफॉर्मेशन को पब्लिश नहीं कर सकते हैं इससे हमारा पर्सनल इंफॉर्मेशन कोई भी नहीं देख सकता है और इससे हमारा डाटा सेव और सुरक्षित रहेगा यहां तक कि WordPress भी अपना  इंफॉर्मेशन को सेव करता है अब उसको भी जवाब देना पड़ेगा और GDPR के हिसाब से काम करना होगा ( GDPR kya hai ? )

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